गौवंश आश्रय स्थल में लापरवाही का खुलासा, कई गौवंश मृत और बीमार

बदायूं। विकासखंड सालारपुर की ग्राम पंचायत बादल स्थित गौवंश आश्रय स्थल में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। पशु प्रेमी विकेन्द्र शर्मा की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी सालारपुर नितिन कुमार ने आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मौके पर कई गौवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि कई बीमार बताए गए। आश्रय स्थल में एक फीट से अधिक कीचड़ जमा होने से दलदल जैसे हालात बने हुए थे, जिससे गौवंश को चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही थी।
निरीक्षण में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। आश्रय स्थल में अधिकांश गौवंश बिना ईयर टैग के पाए गए। इससे गौवंश की वास्तविक संख्या और उनके भरण-पोषण के लिए जारी धनराशि को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले में गौवंश आश्रय स्थल का संचालन कर रही दानवीर जनकल्याण समिति को खंड विकास अधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर अनुबंध समाप्त करने के साथ यथोचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा सालारपुर विकासखंड के रफियाबाद, सिकरोड़ी और रसूलपुर पुठी स्थित अन्य गौवंश आश्रय स्थलों के निरीक्षण में भी कमोवेश ऐसी ही स्थिति पाए जाने की बात सामने आई है।
खंड विकास अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर संबंधित एनजीओ से गौवंश आश्रय स्थलों का संचालन हटाने और विकासखंड स्तर पर ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि गौवंश के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए मिलने वाली सरकारी व्यवस्था के बावजूद आश्रय स्थलों में ऐसी बदहाली आखिर कैसे सामने आई?

