सांसदों के लिए कोल्ड ड्रिंक बैन, जनता के लिए खुली छूट? हाथरस में उठा दोहरे मापदंड का मुद्दा।
ह्यूमन राइट्स डिफेंडर एवं आरटीआई एक्टिविस्ट प्रवीण वार्ष्णेय ने प्रेसवार्ता कर दावा किया कि लोकसभा सचिवालय की आरटीआई से खुलासा हुआ है कि संसद की कैंटीन में वर्ष 2003 से कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक पर प्रतिबंध लागू है। उनका आरोप है कि यदि ये पेय सांसदों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं तो आम जनता के लिए खुले बाजार में बिक्री क्यों जारी है।
उन्होंने सरकार से पूरे देश में कोल्ड ड्रिंक एवं हाई-शुगर पेयों पर प्रतिबंध लगाने, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में बिक्री रोकने की मांग की।
साथ ही कहा कि इस मामले में प्रथम अपील दायर की जाएगी और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 से जुड़ा समानता एवं स्वास्थ्य के अधिकार का मुद्दा बताया।
हाथरस से राजा पाठक


