अलीगढ़ में एक बाबू ने निकाली सीएमओ की हेकड़ी पहले बाबू को हटाने का दिया था आदेश,अब वापसी का करना पड़ा इंतजाम
अलीगढ़ के सीएमओ को एक बाबू ने दिखाया आईना,जिस बाबू को कार्यालय से बाहर रहने के पोस्टर किये थे चस्पा अब उसी बाबू को दी तैनाती
हटाई गई पोस्ट पर फिर लौटे वरिष्ठ लिपिक,सीएमओ को दिखाया ठेंगा
अलीगढ़ में सीएमओ ऑफिस से भ्रष्टाचार मुक्त करने के पोस्टर लगाए गए थे इसके बाद अलीगढ़ सीएमओ कार्यालय में तैनात बाबू को स्थानांतरित करते हुए सीएमओ कार्यालय से हटा दिया था लेकिन सीएमओ कार्यालय में तैनात बाबू के द्वारा कोर्ट की शरण ली और सीएमओ ऑफिस में ही तैनाती का मामला कोर्ट में दर्शाया गया लेकिन अलीगढ़ के सीएमओ भ्रष्टाचार मुक्त करने के दावे कर रहे थे उनके द्वारा साफ शब्दों में कहा गया था पहले सीएमओ कार्यालय से गंदगी का निस्तारण करेंगे उसके बाद अलीगढ़ जिले में संचालित अवैध हॉस्पिटलों पर गाज गिरायेंगे,लेकिन सीएमओ का एक आदेश अब अधीक्षकों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है उसके पीछे की वजह है सीएचसी में तैनात डॉक्टरों के द्वारा सेटिंग गेटिंग करने के बाद झोलाछापों पर रहम किया जा रहा है जिन झोलाछापों से सेटिंग नहीं हो रही उन झोलाछापों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराये जा रहे हैं यह बात अलीगढ़ जिले में जोर-जोर से चल रही है मौजूदा समय की अगर बात कही जाए तो जिला अलीगढ़ में अब सीएमओ के एक आदेश का सीएचसी अधीक्षक फायदा उठाते हुए नजर आरहे है,यही कारण है उनके द्वारा रुटीन चेकअप के नाम पर जमकर अवैध वसूली की जा रही है जिन लोगों से सेटिंग नहीं हो पाती उनको सीएमओ के आदेश का हवाला दिया जाता है,याब वसूली की बात हम नही कह रहे ये बात बोल रही है वो जनता जो जमीनी पटल पर रहती है,जनता का सवाल है, अगर वाकई में झोलाछापों पर कार्रवाई हो रही है तो जिले की पांचो तहसीलों में झोलाछाप डॉक्टर कैसे फल फूल रहे हैं इस बात का अंदाजा झोला छाप डॉक्टरों पर लगी मरीजों की कतारो से लगाया जा सकता है लेकिन यह सब कुछ मन माफिक चल रहा है उन अधीक्षकों के रहम कर्मों पर,वहीं सीएमओ अलीगढ़ जहां एक ओर अपने आप को ईमानदार कहते हैं वहीं दूसरी ओर अधीक्षकों को उनके द्वारा दी गई संजीवनी से भ्रष्टाचार सातवें आसमान पर नजर आ रहा है सीएमओ अलीगढ़ स्वास्थ्य विभागों के आदेशों का हवाला देकर अधीक्षकों को खुली छूट दे रहे हैं या फिर इसके पीछे झोलाछाप डॉक्टरों के साम्राज्य को आगे बढ़ाना है यह बात तो वह खुद तय करेंगे, फिलहाल झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाहियां कम हो रही है लेकिन अगर बात सीएमओ कार्यालय की कई जाए तो वहां तैनात एक बाबू के द्वारा उन्हे आयना दिखाया है कार्यालय में तैनात बाबू को लेकर सीएमओ अलीगढ़ के द्वारा पोस्टर लगवाए गए थे जिन पोस्टर में साफ-साफ लिखा था उपरोक्त बाबू को लेकर किसी के द्वारा कोई वार्तालाप ना की जाए साथ ही बाबू को सीएमओ कार्यालय से दूर रहने की हिदायत दी गई थी लेकिन चंद दिनों बाद ही इस बाबू को सीएमओ अलीगढ़ के द्वारा दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया लेकिन उस बाबू के द्वारा अभी तक वहां चार्ज ना संभालते हुए कोर्ट के जरिए अपनी तैनाती मौजूदा सीएमओ से इस कार्यालय में करवाई है जहां पर बाबू को हटाने के पोस्टर जारी किए गए थे ईसको लेकर अब चर्चाओं का बाजार गर्म है
दरअसल पूरा मामला जिला अलीगढ़ का है जहां स्वास्थ्य विभाग में वरिष्ठ लिपिक रणधीर चौधरी की तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व में सीएमओ कार्यालय से हटाए गए रणधीर चौधरी को फिर इसी कार्यालय में तैनाती दे दी गई है। खास बात यह है कि उन्हें उसी पोस्ट का दायित्व सौंपा गया है, जिस पर पहले थे। रणधीर चौधरी पर पूर्व में अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था। बाद में हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली। हालांकि, इसके बाद उनकी तत्काल सीएमओ कार्यालय में वापसी नहीं हो सकी। इसी दौरान सीएमओ कार्यालय से आदेश जारी कर उन्हें किसी भी प्रकार का कार्य न कराने के निर्देश दिए गए थे। और उनके नाम के पोस्टर भी सीएमओ कार्यालय में चस्पा कराए गए थे,खास बात यह है कि उन्हें फिर वही चार्ज सौंपा गया है, जिस पर वह पहले से कार्यरत थे स्वास्थ्य निदेशक के आदेश पर उनकी सेवा बहाल की गई। बहाली के बाद सीएमओ डा. आरएन सिंह ने उन्हें मलखान सिंह जिला वरिष्ठ लिपिक की जिम्मेदारी सौंपी थी जिसमे उनकी अस्पताल स्थित टीबी यूनिट में तैनाती थी। लेकिन उनके द्वारा उसे तैनाती पर अपनी सहमति नहीं दी और उस जगह पर कार्य नहीं किया इसके बाद अब सीएमओ की ओर से रणधीर चौधरी को फिर सीएमओ कार्यालय में तैनाती दी गई है। नई तैनाती में उन्हें पूर्व में संभाले गए पटल की जिम्मेदारी दी गई है।। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस पटल से उन्हें पहले हटाया गया था, उसी पर दोबारा जिम्मेदारी देने का आधार क्या रहा। पूरे मामले को लेकर सीएमओ अलीगढ़ से जब वार्तालाप करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नही हो पाया। वही

अपने आप को सबसे ज्यादा ईमानदार और भ्रष्टाचार मुक्त सीएमओ कार्यालय बनाने वाले सीएमओ आखिर बाबू को उसी जगह पर पोस्टिंग कैसे दे सकते हैं यह अब पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।


